
" कोरोना वायरस "
आज कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में हाहाकार मचा रखा हैं ,हर देश की सरकार इससे निपटने की पूरी कोशिश कर रही हैं। आए दिन कोई ना कोई एक नया वायरस आकर हमारे दिलों में दहशत फैला जाता। ये सारे वायरस के फैलने की वजह हमेशा से हमारा गलत खान पान और लापरवाही ही रही हैं और खास तौर पर एक व्यक्ति विशेष की लापरवाही की सजा सब भुगतते हैं। कोरोना वायरस क्या हैं ?कैसे फैलता हैं ?इससे वचाव कैसे कर सकते हैं ?क्या क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए इसके बारे में सोशल मिडिया पर बहुत सारी जानकारियां उपलब्ध हैं। लेकिन परेशानी ये हैं कि -ये जानकारी सब एक दूसरे से सिर्फ साझा भर कर रहे हैं खुद भी इसका पालन कर रहे हैं या नहीं ,पता नहीं।
इसका सफल इलाज होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक दवा में है। होम्योपैथिक के आर्सेनिक एल्बम 30 में इस वायरस से लड़ने की क्षमता है। यह जानकारी सेवानिवृत्त होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी एवं आरोग्य भारती के विंध्याचल मंडल विभाग प्रमुख डॉ० गणेश प्रसाद अवस्थी ने दी।इस बात को शशि जी ने भी साझा किया हैं और उनकी बातों से ही मुझे ये प्रेरणा मिली की मैं आप सब से ये जानकारी साझा करूँ।
मैं खुद एक होमियोपैथिक प्रैक्टिसनर हूँ इसलिए आज मैं आप सब से एक जरुरी जानकारी साझा करना चाहती हूँ। उस पर यकीन कर आप कितना अमल करेंगे वो तो मैं नहीं जानती मगर एक डॉक्टर होने के नाते मैं ये अपना फर्ज समझ रही हूँ कि आप सभी से ये बहुमूल्य जानकारी साझा करूँ। अगर इस पर विश्वास करके आप इसका प्रयोग करेंगे तो यकीन मानिए कोरोना वायरस ही नहीं ,किसी भी तरह के वायरस से आप खुद को और परिवार को सुरक्षित रख पाएंगे।
आर्सेनिक एल्बम 30
एकोनाइट नेप 30
इन्फ्लून्जियम 30
यूपिटोरियम पर्फ़ 30
सारी दवाएं Dr.Reckeweg की होनी चाहिए
इन चारो दवाओं को बराबर मात्रा में मिलाकर एक अलग शीशी में रख ले। तीन दिन लगातार सुबह खाली पेट इस मिश्रित दवा का दो बून्द सीधे जुबान पर टपका ले। उसके बाद जब तक वायरस फैला हो तब तक सप्ताह में दो बार रविवार और बुधवार को एक बार सुबह में ही लेते रहे। किसी भी तरह का वायरल इन्फेक्शन हो ही नहीं सकता। अगर हो गया हैं तो यही दवा रोग की तेज़ी के अनुसार ,दो दो घंटे के अंतराल पर ले सकते हैं।
दवा लेते वक़्त सावधानियाँ -
दवा लेने से आधे घंटे पहले और दवा लेने के आधे घंटे बाद भी कुछ खाना पीना नहीं हैं यानि मुँह में किसी भी तरह का स्वाद नहीं रहना चाहिए। बस इतनी सावधानियाँ बरतनी हैं।
उम्मीद करती हूँ आप इस जानकारी का लाभ जरूर उठाएंगे। ये दवा पाँच साल तक आप सुरक्षित रख सकते हैं। इस जानकारी को जितना हो सके साझा करें।
अगर आप आर्युवेद को मानने वाले हैं तो ,गिलोय ,तुलसी के पते ,काली मिर्च का सेवन करें। ये भी बहुत लाभदायक हैं।