मेरे बारे में


नमस्कार दोस्तों ,


       मैं कामिनी सिन्हा ,मै एक  गृहणी हूँ । मेरी जन्म भूमि तो बिहार चम्पारण जिला है। हां जी ,अपने सही समझा वही जगह जहाँ से गाँधी जी ने अपने सत्याग्रह की शुरुआत की थी। लेकिन शादी के बाद दिल्ली आ बसी और फिर वही की होकर रह गई। बहुत याद आता है अपना घर अपनी जन्मभूमि। लेकिन क्या कर सकते है जिंदगी जहाँ  ले जाये वहां जाना ही पड़ता है। खैर ,मैं अपने बारे में आप को कुछ और बता दू ,मैंने सोशियोलॉजी  विषय  से  M.A  किया  है। बचपन  से  ही  मेरी  रूचि  हिंदी  साहित्य मे  काफी रही  है। हिंदी  साहित्य  तो  काफी  पढ़ा  है। लेखन  का  भी  काफी शौक था  लेकिन  घरेलु  उलझनों  में  उलझ  कर  वो  शौक  कही  खो  गया। अब  जीवन  की  उलझनो  से  थोड़ी  फुर्सत  मिली है  तो  फिर  दिल में एक  नया  जीवन शुरू करने  की  चाह  जगी  है। सोचा क्यों न कुछ नये दोस्त बनाऊँ, कुछ उनकी सुनु कुछ अपनी सुनाऊँ। और आज कल के इस व्यस्त जीवन के दौड भाग में बस दोस्तों का साथ ही थोड़ा सुकून देता है। मैं यह अपने विचारो को कहानी और लेख के माध्यम से आप से साझा करुँगी।

      जिस तरह हर इंसान का जिंदगी जीने का अपना ही अंदाज़ होता है उसी तरह जीवन को, जीवन की परिस्थितियों को, समाज को और यह तक की व्यक्ति विशेष को देखने का भी उसका अपना एक नज़रिया होता है ,अपना एक दृश्टिकोण होता है. वो अपनी ही नज़रिये से हर परिस्थिति को देखता है, समझता है, संभालता है और सीखता भी है. यूँ कहे कि सारा खेल नज़र और नज़रिये का है. जैसे एक गिलास में आधा गिलास पानी है तो उसे देख कर कोई गिलास आधा भरा कहेगा तो कोई आधा खाली. ऐसी एक दृस्टि या दृस्टिदोष के कारण कोई अपनी बिगड़ी ज़िंदगी सुधर लेता है तो कोई अपनी सुधरी- सवरी ज़िंदगी बिगड़ लेता है. जीवन को और इस जीवन की परिस्थितियों को मैंने किस नज़रिये से देखा है और कैसे सीखा है ये मैं यहां आप सब से साझा करुँगी आप भी मेरे इस पेज से जुड़ कर अपना अनुभव साझा करे ताकि हम अपनी अगली पीढ़ी को कुछ सीखा सके और कुछ उनसे भी सीख सके .मेरे इस पेज का सिर्फ यही उदेस्य है कि हम एक दूसरे से अपने जीवन का अनुभव साझा कर उन छोटी छोटी ख़ुशी को फिर से ढूढ़ सके जो हमसे हमारी छोटी छोटी भूल के कारण खो गई या हम उन छोटे छोटे कारणों को ढूढ़े जिनके वज़ह से हमारे जीवन में बड़े बड़े बड़े गम आ गए है.
इसीलिए  मेरे ब्लॉग का नाम भी dristikoneknazriya.blogspot.com है। 

About us:-
Name-Kamini sinha
City-Delhi
contact-kaminisinha1971@gmail.com




18 टिप्‍पणियां:

  1. प्रिय कामिनी -- आपका ये सुंदर ब्लॉग देखकर अपार हर्ष हुआ |आपके बारे में मेरी कई जिज्ञासाएं आपसे पूछे बिना ही शांत हो गई| आपके परिचय के पहले पेज पर आकर मन बहुत आह्लादित है | यही कहती हूँ सखी , बहन ब्लॉग की दुनिया में आपका हार्दिक स्वागत है | अपनी रचनात्मकता को पंख दो और आभासी लेकिन भावपूर्ण दुनिया से साक्षात्कार कर करो | जिस मौलिक चिंतन की झलक मैंने शब्दनगरी में देखी उसे नये आयाम दो | सुस्वागतम . ख़ुशामदीद और welcome बहना |

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    1. प्रिये सखी रेणु ,दिल से आप का कोटि कोटि धन्यबाद ,जो आप ने मुझे इतने स्नेह से अपनाया,आप ने जो मुझे कई नये मित्रो से मिलने का भी सौभाग्य दिया इसके लिए आभार प्रकट करने को मेरे पास शब्द नहीं है .कोशिश करुँगी की आप सब की आशाओं पर खरी उतरु.मुझे उमींद है आप आगे भी मेरा यूँ ही मार्गदर्शन करती रहेगी और अगर मुझसे कोई त्रुटि हो जाये तो क्षमा भी करेगी .सादर नमन

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  2. प्रिय कामिनी बहन -आपका ब्लॉग जगत में बहुत बहुत स्वागत है
    सादर

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    1. प्रिये अनीता जी ,आप के इस स्नेह के लिए दिलसे शुक्रिया

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  3. स्वागतम् सखी कामिनी, आभार सखी रेणु साक्षात्कार
    कराने के लिए

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    1. प्रिये अभिलाषा जी ,बहुत बहुत धन्यबाद जो आप सब ने हमे अपनाया.

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  4. सुंदर और प्रभावशाली लेखन है आपकी। आके सफलता की कामनाओं सहित बधाई ।
    आदरणीया रेणु जी का शुक्रिया जिन्होंने इस ब्लॉग का परिचय दिया।

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    1. आदरणीय पुरुषोत्तम जी ,आपने हमे सराहा ये मेरा सौभाग्य है ,आप सब ने हमे अपनाया इसके लिए आप सब का आभार ,सखी रेणु की तो मैं दिल से शुक्रगुजार हूँ जिन्होंने मुझे आप सब से मिलवाया .कोशिश करुँगी कि आप सब के उमींदो पर खरी उतरु .मेरे लिए तो अभी ये एक बिलकुल नयी दुनिया है. .सादर नमन

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  5. बहुत बहुत स्वागत है कामिनी जी ब्लॉग जगत में आपका और शुभकामना करती हूं की आप ब्लॉग जगत में ही नही हर साहित्य मंच पर कामयाबी हासिल करें ।
    रेनू बहन हमारी जौहरी है रत्न खोज कर लाई हैं ।
    सस्नेह शुभकामनाएं

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  6. आप के स्नेह, सहयोग शुभकामना और प्रोत्साहन के लिए कोटि कोटि धन्यवाद कुसुम जी ,और रेणु जी की तो मैं बहुत ही आभारी हूँ जिन्होंने मुझ जैसे नाचीज को आप सब से मिलने का सौभाग्य दिया ,स्नेह

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  7. अच्छा लगा आपका परिचय जान कर ...
    आशा है गुफ्तगू होती रहेगी आप से ब्लॉग के माध्यम से ...

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  8. आदरणीय दिगंबर जी ,मेरे ब्लॉग पर पधारने केलिए तहे दिल से शुक्रिया .

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  9. ब्लॉग जगत में आपका स्वागत है

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  10. ब्लाग जगत में आपका स्वागत है। किसी भी तरह की मुश्किल हम सभी ब्लाग बंधु आपके साथ है।

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  11. बहुत बहुत शुक्रिया संजय जी ,आप के साथ और सहयोग के लिए......

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  12. कामिनी दी, ब्लॉग जगत में आपका हार्दिक स्वागत हैं। इस दुनिया में हमें एक-दुसरे से अभुत कुछ सिखने मिलता हैंंं।

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    1. धन्यवाद ज्योति जी ,आप के साथ और स्नेह के लिए दिल से आभारी हूँ......

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kaminisinha1971@gmail.com

"अब "

 "अब" अर्थात  वर्तमान यानि जो पल जी रहें है...ये पल अनमोल है...इसमे संभावनाओं का अनूठापन है...अनंत उपलब्धियों की धरोहर छिपी है इस ...