बुधवार, 2 जून 2021

"जीवन साथी साथ निभाना "



जीवन साथी साथ निभाना 

बीच राह में छोड़ ना जाना 

थामा है जब हाथ हमारा 

अंतिम सफर तक संग में आना 


दुल्हन बनी जिस दिन से  तेरी 

तुम्ही बसे हो नयनन में मेरी 

सुख मिला या दुःख जीवन में 

थामे रही तुम्हें बाँहों में 


रहना था संग हर पल तेरे 

पर कासे  कहूँ ये, किस्मत के फेरे 

समय के इस कठिन डगर पे,

चलना है, दोनों को अभी अकेले 


माना,वक़्त ने दूर किया है  

मिलने से भी  मजबूर किया  है

तन की दुरी सह जाऊँगी  

मन जो टुटा मर जाऊँगी 


दिन वो सुहाना फिर आएगा 

प्यारा हमारा रंग लाएगा 

मन को ना तुम करों मलिन

मिलन गीत गाएंगे फिर मन मीत 


प्यार की बदली फिर छायेगी 

घडी मिलन की फिर आयेगी 

आखियाँ बहुत है, बरसी अब तक 

अब सावन की बुँदे बरसेंगी  


***********************



44 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुंदर।
    हार्दिक शुभकामनाएं।🌻

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  2. बेहतरीन भावों की अभिव्यक्ति
    हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

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  3. मन के भावों को सुंदर शब्द दिए है ।
    हार्दिक शुभकामनाएँ ।

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  4. कामिनी दी,25 वी सालगिरह की इमेज और दोनों अलग अलग बात कुछ समझ मे नही आई। कही कोरोना के कारण...आशा करती हूं आप सब सकुशल होंगे।

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    1. दिल से शुक्रिया ज्योति जी,परमात्मा के कृपा से हम सब स्वस्थ और सकुशल है,लेकिन आपकी शंका जायज है,हम दोनों स्वस्थ तो है मगर एक दूसरे से काफी दूर है,मैं मुंबई में हूँ वो दिल्ली में और ये भी कोरोना के कारण ही हुआ है,ऐसे हालत में सफर करने में डर लग रहा था इसलिए सोचा जो जहाँ है वही सुरक्षित रहें,सेलिब्रेशन का क्या है फिर कभी,"आपने चिंता जताई" आपकी ये भावना दिल को छू गई,तहे दिल से आभार आपका ,सादर नमन

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  6. बहुत ही सुंदर रचना। ईश्वर आपको सारी खुशियाँ दें और आपकी सारी मन्नतें स्वीकार करें ।।।

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    1. आपकी इस स्नेह से भरी दुआओं के लिए हृदयतल से आभार आपका पुरुषोत्तम जी,सादर नमन

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  7. मृदुल भावाभिव्यक्ति ।
    हार्दिक शुभकामनाएँँ कामिनी जी ।

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    1. हृदयतल से मीना जी,आपकी दुआएं अनमोल है,सादर नमन आपको

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  8. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 03-06-2021को चर्चा – 4,085 में दिया गया है।
    आपकी उपस्थिति मंच की शोभा बढ़ाएगी।
    धन्यवाद सहित
    दिलबागसिंह विर्क

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    1. मेरी रचना को स्थान देने के लिए हृदयतल से आभार सर ,सादर नमन आपको

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  9. प्रिय कामिनी, विवाह की रजत जयंती मुबारक हो सखी। दुआ है कि तुम अपनें स्नेही हमसफर के साथ यूं ही हँसते खिलखिलाते, रूठते मनाते स्वर्ण और हीरक जयंती मनाओ । अपने छोटे से परिवार में हमेशा मस्त और व्यस्त रहो। प्रेमिल भावों से भरी सुन्दर अभिव्यक्ति के लिए बधाई और शुभकामनाएं।
    🎂🎂🎂🎂🎂🎂
    🎈🎈🎈🎈🎈🎈
    ❤️❤️❤️❤️❤️❤️
    💐💐💐💐💐💐
    🙏🌷🌷🌷🌷🌷

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    1. तुम्हारी स्नेह से भरी अनमोल दुआओं के लिए शुक्रिया सखी,मगर उतना लम्बा सफर तय नहीं करना मुझे... रजत जयंती तक काफी है...स्वर्ण और हरीक ना बाबा ना...इतनी लम्बी उम्र नहीं चाहिए...अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त हो जाऊं तो सफर के अंत की ही कामना है,बाकी...तो परमात्मा जाने
      और जहाँ तक रचना का प्रश्न है बस, टूटे-फूटे शब्दों को जोड़ मन को बहलाने की कोशिश थी...अन्यथा, तुम सब गुणीजनों के आगे मैं कहाँ...वो तो तुम सब का स्नेह है जो इतनी भी हिमाकत कर देती हूँ ,तुम्हारा स्नेह यूँ ही बना रहें सखी

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  10. माना,वक़्त ने दूर किया है
    मिलने से भी मजबूर किया है
    तन की दुरी सह जाऊँगी
    मन जो टुटा मर जाऊँगी
    बहुत ही उम्दा और सटीक !
    𝗛𝗮𝗽𝗽𝘆 𝗦𝗶𝗹𝘃𝗲𝗿 𝗝𝘂𝗯𝗶𝗹𝗲𝗲 𝗕𝗼𝘁𝗵 𝗼𝗳 𝘆𝗼𝘂.
    ◦•●◉✿Happy married anniversary✿◉●•◦

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    1. दिल से शुक्रिया मनीषा,ढेर सारा स्नेह तुम्हे

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  11. प्रिय सखी कामिनी जी ,विवाह की रजत जयंती पर हार्दिक शुभकामनाएं 💐💐💐💐💐💐💐💐
    ईश्ववर आपको सदा सुखी रखें । सही है इस कोरोना काल नें सभी को अपनो दूर कर रखा है ,पर इस समय यही उचित भी है जो जहाँ है सुरक्षित रहे । शीध्र ही अच्छे दिन आएँगे ।

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    1. आदरणीया शुभा जी,आपका स्नेह और आशीर्वाद पाकर बेहद ख़ुशी हुई,हाँ,सखी अभी जो जहां है वहां सुरक्षित रहे यही ईश्वर का सबसे बड़ा आशीर्वाद है। तहे दिल से आभार आपका

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  12. ह्रदय के कोमल भाव लिखे हैं आपने ... दूरी तब तक दूरी नहीं होती जब तक दिल मिले होते हैं ...
    आपकी भावनाएं ज़रूर सही जागे पहुँच रही हैं इन पंक्तियों द्वारा ...
    आपको २५ वर्ष का साथ मुबारक हो ... जल्दी आप साथ हों ऐसी शुभकामनायें हैं मेरी ...

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    1. तहे दिल से शुक्रिया दिगंबर जी,आप सभी के स्नेह की आभारी हूँ,सादर नमन आपको

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  13. रजत जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं कामिनी जी! बहुत ही खूबसूरती से अपने मन के भावों को अभिव्यक्त कर लाजवाब सृजन से आपने दूर रहकर भी यादगार बना दिया इस दिन को....।
    अनंत शुभकामनाएं आपको।

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    1. तहे दिल से शुक्रिया सुधा जी,दुरी में मन को बहलाने के लिए कुछ तो करना जरूरी था सो आपने भावों को टूटे-फूटे शब्दों में उकेर दिया, आप सभी का स्नेह और आशीर्वाद मिला गया धन्य हो गई ,ना कुछ पाते हुए भी बहुत कुछ पा लिया ,एक बार फिर से आभार आपका एवं सादर नमन

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  14. दिन वो सुहाना फिर आएगा 

    प्यारा हमारा रंग लाएगा 

    सुन्दर रचना

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  15. बहुत सुंदर तथा भावपूर्ण रचना,स्त्री मन की अभिव्यक्ति को बहुत सुंदर शब्द दिए हैं आपने,

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    1. दिल से शुक्रिया जिज्ञासा जी,सादर नमन

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  16. बहुत सुंदर, शादी की सालगिरह पर ढेरों शुभकामनाएं आप दोनों स्वस्थ और सकुशल रहें यही मंगलकामना है

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    1. दिल से शुक्रिया भारती जी,आपका आशीर्वाद अनमोल है,आभार एवं सादर नमन

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  17. परिणय के रजतोत्सव की बधाई और अचल सोहाग की अशेष शुभकामनायें🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

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    1. हृदयतल से धन्यवाद विश्वमोहन जी,आपकी शुभकामना और आर्शीवाद पाकर धन्य हुई ,आभार एवं सादर नमन

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  18. शुभकामनाएं...देरी से देरी से दे रहा हूं, क्षमाप्रार्थी हूं...। आपने बहुत अच्छी तरह से अपने मन के भाव को शब्द दिए हैं...।

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    1. शुभकामनायें,दुआएं है उसका मिलना जरुरु होता है उसमे देर-सवेर मायने नहीं रखता।
      इन दुआओं के लिए आपका हृदयतल से आभार संदीप जी,सादर नमन

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  19. प्रिय कामिनी, मुबारकबाद तो वाट्सएप पर दे दी थी। परंतु यह कविता आज पढ़ी। सच में, इस प्रेम के सहारे इंसान हर हाल में जीवन काट लेता है। प्रेम ना हो तो दुनिया के सारे सुख फीके लगते हैं। जीवनसाथी के लिए तो आपके ये भाव ही सबसे बड़ा उपहार हैं।

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    1. दिल से शुक्रिया मीना जी ,आप सभी का स्नेह ही है जो मन के भावों को शब्द दे पाती हूँ। सही कहा आपने जहाँ प्रेम हो वहां बाकी सुखों की परवाह नहीं होती। मगर,इस प्रेम को पूजने वाले हम आप जैसे ही चंद बचें है आज के इस दौर में "प्रेम" को छोड़ बाकी सब होना चाहिए। सादर नमन आपको

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  20. आपकी इस भावाभिव्यक्ति को पढ़ने में भी मुझे विलंब ही हुआ कामिनी जी। क्षमा चाहता हूं। आपकी जोड़ी सलामत रहे; जो प्रेम और विश्वास चौथाई सदी से क़ायम है, वह आगे भी जस-का-तस रहे; एक आदर्श दंपती के रूप में आप दोनों आने वाली नस्लों के लिए मिसाल बने रहें; यही शुभेच्छाएं प्रेषित करता हूं।

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  21. Jude hmare sath apni kavita ko online profile bnake logo ke beech share kre
    Pub Dials aur agr aap book publish krana chahte hai aaj hi hmare publishing consultant se baat krein Online Book Publishers

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kaminisinha1971@gmail.com

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